महावीर पंच नाम परिचय

कषाय परिचय

कर्तव्य - बोध परिचय

सामान्य ज्ञान परिचय

 
 
 
 
 
कर्तव्य - बोध परिचय
 

प्रिय बच्चों !
तुम्हें सुबह जल्दी उठना चाहिए ।
उठकर सर्वप्रथम नौ बार णमोकार मंत्र पढ़ना चाहिए ।
फिर माता-पिता एवं बड़ों, बुजुर्गों के चरण-स्पर्श कहना चाहिए ।
इसके बाद नाह-धोकर स्वच्छ वस्त्र पहिनकर जिनमंदिर जाना चाहिए ।
मंदिर के दरवाजे में प्रवेश करते ही निम्नलिखित मंत्र बोलना चाहिए ।
ऊ जय,जय,जय, नि:सही, नि:सही, नि:सही, नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु
णमो अरिहंताणां, णमो सिध्दाणं, णमो आइरियाणं
णमो उवज्झायाणं, णमो लोइ सव्वसाहूणं
इसके बाद पांच पुंज चढ़ाना चाहिए ।
फिर तीन बार प्रणाम करना चाहिए ।
फिर जिनेन्द्र भक्ति पढ़ते हुए तीन प्रदशिणा देनी चाहिए ।
फिर गन्धोदक को नेत्र, सिर आदि में लगाकर, भंडार (दान) करना चाहिए ।
उसके बाद शास्त्र जी के सामने प्रािमं, करणं, चरणं, द्रव्यं नम:
बोलकर क्रमश: चावल के चार पुंज चढ़ाना चाहिए ।
आखिरी में मुनिराज (गुरूजी) के समक्ष सम्यग्दर्शन-ज्ञान-चारित्रेभ्यों नम:
नम: बोलकर क्रमश: तीन पुंज चढ़ाना चाहिए ।
इसके बाद ही नाश्ता, खेलना, पढ़ना आदि अन्य कार्य करना चाहिए ।
प्रिय बच्चों । अगर प्रतिदिन तुम ऐसा करोगे तो एक दिन तुम भी
भगवान जिनेन्द्र देव के समान बन जाओगे ।
ड़ता है ।