महावीर पंच नाम परिचय

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महावीर पंच नाम परिचय
 

महावीर का वर्धमान नाम कैसे रखा ?
महावीर के उत्पन्न होने पर माता-पिताएवं राज्य का वैभव, पराक्रम आदि बढ़ता ही गया इसलिये वीर ''प्रभु'' का दूसरा नाम वर्धमान पड़ा ।

महावीर का वीर नाम कैसे पड़ा ?
जब शिशु महावीर का जन्माभिषेक सुमेरू पर्वत पर बडे-बड़े 1008 कलशों से इन्द्र गण उत्साह से कर रहे थे, तब इन्द्रों के मन में एक क्षण के लिए शंका हुई कि कहीं छोटा सा बालक पानी के प्रवाह में बह नजाये, इसलिए इन्द्रों ने अभिषेक रोक दिया, तब बालक महावीर ने अपने ज्ञान से अभिषेक न करने काकारण जानकर, इन्द्र के संशय निवारण हेतु बालक महावीर ने अपने वांये पैर के अगूठे से सुमेरू पर्वत को दबाकर कम्पायमान कर इन्द्र की शंका का निवारण कर दिया, तब इन्द्र ने बालक का वीर नाम रखा ।

महावीर का सन्मति नाम कैसे पड़ा ?
बालक वर्धमान एक बार पालने में झूल रहे थे ? उसी समय संजय और विजय इन दो मुनिराज को तत्वों में शंका थी, मुनिराज बालक के पालने के सामने से निकल रहे थे कि उसी समय उनकी शंका कानिवारण हो गया तथी से उन्हें मुनिराज द्वारा सन्मति कहा जाने लगा ।

महावीर का अतिवीर नाम कैसे पड़ा ?
कहते हैं एक बार बालक महावीर कुछ राजकुमारों के साथ आमली क्रीड़ा (लुका-छुपी का खेल) खेल रहे थे, उसी समय स्वर्ग मेंसंगम नाम का देव, सांप का रूप बनाकर परीक्षा के लिये आया । सभी बालक तो सांप को देखकर डरके भाग गये, किन्तु बालक महावीर निडरता पूर्वक सांप को पकड़कर दूर छोड़ आये । सभी संगम देव असली देव रूप में बालक महावीर के पास आकर उन्हें नमस्कार कर एवं उनके साहस की प्रशंसा की, एवं उन्हें अतिवीर नाम देकर सम्बोधित किया, तभी से उन्हें अतिवीर कहा जाने लगा ।

वर्धमान का महावीर नाम कैसे पढ़ा ।
एक दिन एकपागल हाथी गांव में खूब उपद्रव कर रहाथा, तब उस उन्मत्त हाथी को कोई वश में नहीं कर साि, किन्तु वर्धमान ने क्षणभर में हाथी को अपने वश में कर लिया । तब से वर्धमान को महावीर के नाम से पुकारा जाने लगा ।